Shree Ganesh Namah Shree Pardeshwaray Namah Shiv Dham
"भाविउ मेटि सकहिं त्रिपुरारी"

कुण्डली विज्ञान

ग्रह नक्षत्रराशि परस्पर संबन्ध

  • सूर्यादि नौ ग्रह अश्विनी आदि सत्ताईस नक्षत्र ऐवं मेष आदि बारह राशियो मे आन्तरिक संबन्ध
  • महादशा

  • विशोन्तरी महादशा अपरोन्तरी महादशा ऐवं योगनी महादशा द्वारा वर्तमान समय की अनुकूलता ऐवं प्रतिकूलता का गहन विवेचन
  • पञ्चधामैत्री

  • ग्रहों में परस्पर समत्व शत्रुता ऐवं मित्रता होती है|जिसे नैसर्गिक तात्कालिक मैत्री के आधार पर पञ्चधा ग्रह मैत्री से जन जाता है |इस आधार पर जीवन के अत्यधिक सूक्ष्म पक्षों का विचार|
  • उच्च्नीय विचार

    विभिन्न राशियों में सूर्यादि नौ ग्रह उच्च एवं नीच स्थिति में होते है |

    यथा-
    ग्रहउच्चनीच
    सूर्यमेषतुला
    चन्द्रवृषवृक्ष्चिक
    मंगलमकरकर्क
    बधकन्यामीन
    गुरुकर्कमकर
    शुक्रमीनकन्या
    शनितुलामेष

    विभिन्न द्वादश भावो पर इस आधार पर पड़ने वाले प्रभाव का ज्ञान | द्वादश भाव शारीर ,धन ,सम्बन्धी ,सुख ,पुत्र ,शत्रु ,स्त्री ,मृत्यु ,धर्म ,कर्म ,आय ,व्यय. इन भावों के विषयों पर गहन एवं वैज्ञानिक चिंतनपूर्वक् प्रभाव विश्लेषण|

    शं भूयात
    पं. रमण मिश्र
    मो -९८९३४४४११०


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    सूचना पटल